बस्तर जिले में भीम आर्मी द्वारा 1 अप्रैल को एक अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, आदिवासी मूलवासियों के अधिकारों की रक्षा एवं संवैधानिक दायित्वों के सही क्रियान्वयन की मांग की जाएगी
रोजगार में प्राथमिकता – अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं आदिवासी समुदायों को सरकारी व निजी क्षेत्रों में रोजगार प्राथमिकता दी जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार – ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था हो।
पेशा कानून का सही क्रियान्वयन – परंपरागत व्यवसायों की रक्षा एवं संवैधानिक अधिकारों का पालन हो।
जल, जंगल और जमीन की रक्षा – बाहरी लोगों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के शोषण को रोका जाए।
सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा – आदिवासी और मूलवासी समुदायों की संस्कृति एवं परंपराओं की रक्षा हो।
खनिज संपदा का संरक्षण – बाहरी कंपनियों द्वारा किए जा रहे अंधाधुंध दोहन को रोका जाए और स्थानीय हितों को प्राथमिकता दी
भीम आर्मी बस्तर, सभी आदिवासी मूलवासी, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लोगों से अपील करती है कि अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज को उठाये